संक्षिप्त उत्तर: किसी टूल से नहीं, बल्कि चार क्षमताओं (मेमोरी, रीज़निंग, एक्शन और फ़ीडबैक) में से सबसे कमज़ोर क्षमता से शुरू करें। पता लगाइए कि आपकी कंपनी सबसे ज़्यादा समय या पैसा कहाँ गँवाती है, उसे सबसे सरल AI से मज़बूत कीजिए जो आप सँभाल सकें, और एक महीने तक नतीजा मापिए। कई छोटी कंपनियों में सबसे कमज़ोर क्षमता मेमोरी होती है: कारोबार जो कुछ जानता है, वह कुछ लोगों के दिमाग़ और फ़ोन में रहता है।
मैं Vinay Pasricha हूँ। मैं नोएडा की हायरिंग कंपनी GoodSpace AI चलाता हूँ, और मैंने AI for Business Leaders लिखी है। जब कोई मालिक मुझसे पूछता है कि शुरुआत कहाँ से करें, तो मैं किसी टूल का नाम नहीं लेता। मैं पूछता हूँ कि कंपनी का कौन-सा हिस्सा सबसे कमज़ोर है।
किसी टूल से शुरुआत क्यों नहीं?
AI अव्यवस्था को ठीक नहीं करता। वह उसे बढ़ा देता है। अगर आपके कोटेशन इसलिए धीमे हैं कि क़ीमतें एक ही व्यक्ति के फ़ोन में हैं, तो AI टूल बस ग़लत कोटेशन और तेज़ी से बनाएगा। टूल हर कुछ महीनों में बदल जाते हैं। आपकी कंपनी के काम करने का तरीक़ा नहीं बदलता। इसलिए क्या ख़रीदना है, यह तय करने से पहले तय कीजिए कि क्या मज़बूत करना है।
चार क्षमताएँ
AI for Business Leaders में मैं हर कंपनी को एक दिमाग़ की तरह देखता हूँ। वह पहले से चार क्षमताओं पर चलती है, चाहे किसी ने उन्हें सोच-समझकर बनाया हो या नहीं:
- मेमोरी: कंपनी क्या जानती है। ग्राहकों का इतिहास, क़ीमतें, सप्लायर की शर्तें, और पिछली बार कोई समस्या कैसे सुलझी थी।
- रीज़निंग: फ़ैसले कैसे होते हैं, और कौन करता है।
- एक्शन: काम असल में कैसे होता है और उसका फ़ॉलो-अप कैसे होता है।
- फ़ीडबैक: कंपनी किसी खोए ऑर्डर, शिकायत या ग़लत भर्ती से कैसे सीखती है।
ज़्यादातर छोटी कंपनियाँ ये चारों संयोग से चलाती हैं। आपकी कंपनी में कौन-सी सबसे कमज़ोर है, ऐसे पहचानें:
- मेमोरी कमज़ोर है अगर एक व्यक्ति छुट्टी पर हो तो कोई ग्राहक को जवाब न दे पाए।
- रीज़निंग कमज़ोर है अगर हर फ़ैसला आपका इंतज़ार करे।
- एक्शन कमज़ोर है अगर फ़ॉलो-अप तभी हो जब किसी को याद आए।
- फ़ीडबैक कमज़ोर है अगर वही ग़लती हर तिमाही लौट आए।
अक्सर मेमोरी पहले क्यों आती है
किताब में इसके लिए एक फ़्रेमवर्क है, Minimum Viable Memory: कंपनी जो जानती है उसे दर्ज कीजिए, उसे एक ढाँचा दीजिए, उसे ढूँढना आसान बनाइए, और उसके आसपास का संदर्भ बनाए रखिए, ताकि अनुभव लोगों के साथ दरवाज़े से बाहर न चला जाए।
इसके लिए किसी बड़े सिस्टम की ज़रूरत नहीं। क़ीमतों की सूचियों, पिछले कोटेशन, सप्लायर की शर्तों और ग्राहकों के आम सवालों के जवाबों का एक साझा, व्यवस्थित फ़ोल्डर एक असली शुरुआत है। एक बार यह बन जाए, तो AI असिस्टेंट के पास काम करने के लिए कुछ सच्चा होता है। इसके बिना AI एक ऐसी मेमोरी में खोजता है जो आपके पास है ही नहीं, और ख़ाली जगहों पर टिके भरोसेमंद-से जवाब देता है।
अगर मेमोरी आपकी सबसे कमज़ोर क्षमता नहीं है, तो वहाँ से शुरू करें जो सबसे कमज़ोर है। सिद्धांत वही है: एक कमज़ोर क्षमता को मज़बूत करें, पूरी कंपनी को एक साथ नहीं।
इस हफ़्ते करने की एक बात
अपने रोज़ के काम चलाने वाले दो लोगों के साथ बैठिए। पिछली दस बार की सूची बनाइए जब काम अटका: देर से गया कोटेशन, छूटा हुआ फ़ॉलो-अप, ऐसा ग्राहक जिसे अपनी बात दोहरानी पड़ी। हर एक को मेमोरी, रीज़निंग, एक्शन या फ़ीडबैक के सामने चिह्नित कीजिए। जिस क्षमता पर सबसे ज़्यादा निशान हों, वहीं से शुरुआत कीजिए।
फिर उसके भीतर एक प्रक्रिया चुनिए, उसका एक ज़िम्मेदार व्यक्ति, और 30 दिनों तक देखने के लिए एक संख्या। मुफ़्त AI Readiness Check शुरू करने से पहले कमियाँ देखने में मदद करता है, और भारत में MSMEs के लिए AI: शुरुआत कहाँ से करें व्यावहारिक उपयोग और 90 दिन की योजना देता है।
यह उत्तर कहाँ से आता है
यह उत्तर AI for Business Leaders के दो हिस्सों पर आधारित है: The Company Brain और Minimum Viable Memory। किताब हार्डकवर और Kindle पर उपलब्ध है।
आपकी कंपनी की अपनी बारीकियाँ होंगी। अपने शब्दों में आगे का सवाल पूछने के लिए Ask Vinay's books आज़माइए।
Vinay Pasricha GoodSpace AI के संस्थापक और छह किताबों के लेखक हैं, जिनमें AI for Business Leaders भी शामिल है।